टेस्ट क्रिकेट रिकॉर्ड – भारत और विश्व के शीर्ष आँकड़े
क्या आप कभी सोचे हैं कि टेस्ट में कौन‑से आंकड़े सबसे ज़्यादा चर्चा पाते हैं? चलिए, उन प्रमुख रिकार्ड्स पर नज़र डालते हैं जो फैंस को हमेशा रोमांचित रखते हैं। यह जानकारी आपके दोस्त के साथ क्विज़ में भी काम आ सकती है!
सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
विश्व स्तर पर सबसे बड़े टेस्ट स्कोर का मालिक ब्रायन लारा (400*) है, जो 2004 में वेस्ट इन्डीज़ बनाम इंग्लैंड के मैच में बने। भारत में इस रिकॉर्ड को करुण नायर ने 303* से तोड़ा – यह 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था। इससे पहले विराट कोहली का 254 और सैनी लिविंगस्टन का 374 भी यादगार थे। अगर आप जल्दी‑से‑फोर की बात करें, तो तेज़ी से सेंचुरी बनाने वाले फास्ट बॉलर्स जैसे अब दुरंदश (63 गेंद) या इरफ़ान पठान (70 गेंद) ने इस क्षेत्र में नई कहानी लिखी है।
विकेट्स में महारथी
सबसे अधिक टेस्ट विकेट के लिए मुथ्थियाह मूर्लिथारन (800) का नाम आता है, लेकिन भारत से अनिल कुंबले ने 600+ विकेट लेकर काफी गर्व किया। उनका 1999‑2000 में ‘फ़ाइव‑फिफ्टी’ वीकट्स वाला मैच आज भी याद रहता है। स्पिनर रवींद्रजित बंधू और ग़ग्गी शरण के नाम भी इस सूची में हैं, जहाँ उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाज़ी से कई बार मैच बदल दिए। एक और दिलचस्प आँकड़ा – सबसे तेज़ 5‑विकेट लीड़िंग (ड्रॉइंग) डीन कैंप (8 ओवर) ने 2006 में इंग्लैंड को मात दी।
साथ ही, साझेदारी के रिकॉर्ड भी देखे बिना पूरा नहीं हो सकता। पहला विकेट का सर्वोच्च साझेदारी 415 रन का है – वेस्ट इन्डीज़ के रॉड्रिक गिल्बर्ट और लियोनार्ड बैंटली ने बनाया था। भारत में यह रिकॉर्ड 6वें विकेट पर 453* (विराट कोहली‑राहुल) के साथ रहता है, जो 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्थापित हुआ।
अगर आप अपनी पसंदीदा टीम या खिलाड़ी की विशेषता जानना चाहते हैं, तो इन आँकड़ों को याद रखना फायदेमंद रहेगा। चाहे वह तेज़ी से बने शतक हों या लंबा चलने वाली पिच पर ली गई अटूट गेंदबाज़ी – हर रिकॉर्ड एक कहानी कहता है।
अंत में, टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण इन रिकार्ड्स में ही नहीं, बल्कि उन मौकों में भी है जहाँ अनपेक्षित मोड़ आते हैं। अगले मैच में कौन‑सा नया रिकॉर्ड टूटेगा? आप देखेंगे, और हम लिखते रहेंगे। पढ़ने के लिए धन्यवाद!