AQI: आपके आस‑पास की हवा कितनी साफ़ है?
हर दिन जब हम बाहर निकलते हैं, तो हमें पता नहीं होता कि साँसों में कितना प्रदूषण घुला हुआ है। AQI या Air Quality Index वही मापदंड है जो बता ता है कि वायु में हानिकारक पदार्थ कितने मौजूद हैं। सरल शब्दों में, अगर आपका AQI कम है तो हवा साफ़ है और आप आराम से चल‑फिर सकते हैं; अगर ज़्यादा है तो स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
AQI कैसे पढ़ें और समझें?
एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 500 तक जाता है। भारत में इसे पाँच श्रेणियों में बाँटा गया है: 0‑50 (अच्छा), 51‑100 (मध्यम), 101‑200 (अनुशंसित नहीं), 201‑300 (हानिकारक) और 301‑500 (बहुत ख़तरनाक)। जब आप मोबाइल ऐप या सरकारी वेबसाइट पर AQI देखते हैं, तो उस नंबर के साथ एक रंग भी दिखता है – हरा, पीला, नारंगी, लाल और बैंगनी। यह रंग आपके लिए जल्दी समझने का तरीका है कि कब बाहर जाना सुरक्षित है।
भारत में वर्तमान AQI स्थितियाँ
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में AQI अक्सर 150‑200 के बीच रहा है, यानी ‘अनुशंसित नहीं’ की श्रेणी। कारण मुख्य रूप से वाहनों का धुआँ, निर्माण कार्य और सर्दियों में ठंडी हवा में प्रदूषण जमा होना है। ग्रामीण इलाकों में कभी‑कभी कोयले के चूल्हे या कृषि बर्निंग से AQI बढ़ जाता है। सरकारी डेटा बताता है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में औसत AQI 120‑130 रहता है, जबकि दक्षिणी राज्य जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु में यह 70‑80 के आसपास रहता है।
जब आप किसी शहर का नाम सर्च करते हैं, तो आपको रियल‑टाइम AQI मिल जाता है। अगर आपका घर या ऑफिस के पास कोई मॉनीटर नहीं है, तो सरकारी पोर्टल ‘सेंट्रल एयरोबिक एजेंसी’ की साइट सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
अब बात करते हैं कि इस जानकारी से आप कैसे फायदा उठा सकते हैं। अगर AQI 100‑150 के बीच हो तो बच्चों, बुजुर्गों और दिल/फेफ़ड़े वाले लोगों को बाहर कम समय बिताना चाहिए। अगर यह 200‑300 तक बढ़ जाए तो व्यायाम या लंबी सैर से बचना बेहतर है, और घर में एयर प्यूरीफ़ायर चलाएँ। बहुत ज़्यादा AQI (300+) के दिन तो जितना संभव हो, बाहरी काम टालें और खिड़कियां बंद रखें।
आपके पास कुछ आसान कदम हैं जो आप रोज़मर्रा की जिंदगी में उठा सकते हैं: घर के भीतर पौधे लगाएँ, नियमित रूप से एयर कंडीशनर या प्यूरीफ़ायर को साफ़ करें, वाहन का इंधन उचित रख‑रखाव रखें और यदि संभव हो तो सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करें। ये छोटे‑छोटे काम मिलकर हवा की क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं और AQI को घटाते हैं।
सारांश में, AQI सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी सेहत का संकेतक है। इसे समझना आसान है—रंग देखें, रेंज याद रखें, और ज़रूरत पड़ने पर कदम उठाएँ। नियमित तौर पर अपडेट चेक करें और अपने परिवार को सुरक्षित रख‑रखाव के टिप्स बताएं। साफ़ हवा में सांस लेना हर किसी का हक़ है; बस AQI को समझकर सही निर्णय लें।
1 अगस्त, 2024 को दिल्ली में मौसम की विविध परिस्थितियों का अनुभव हुआ, जहां शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम से खराब के बीच था। पूरे दिन AQI के स्तर में परिवर्तनशीलता देखी गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई।