National Stock Exchange (NSE) ने आखिरकार 2026 के लिए अपने हफ़्तों और अवकाशों की लिस्ट संबाला हुआ कैलेंडर जारी कर दिया है। अगर आप शेयर बाजार के नियमित निवेशक हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत मायने रखती है। बारीकी देखें तो इस साल कुल 15 कार्य दिवस और 4 शनिवार-रविवार को बाजार बंद रहने वाली है। यानी पूरे साल में कुछ ऐसे दिन होंगे जब आप अपना पोर्टफोलियो नहीं चला पाएंगे।
चीज़ों को समझने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि बाजार बंद होने का असर सीधे आपकी लेन-देन क्षमता पर पड़ता है। Republic Day जैसे राष्ट्रीय त्योहारों से लेकर धार्मिक अवसरों तक, हर तारीख का अपना महत्व है। खास तौर पर डायरिटिव्स सेगमेंट और इक्विटी सेगमेंट दोनों के लिए यह अनुसूचन लागू होगा। फिर भी क्लीयरिंग डिपार्टमेंट की छुट्टियों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।
2026 का शेयर बाजार अवकाश कैलेंडर और प्रमुख त्योहार
तो बात करते हैं उन मुख्य दिनों की जिनसे आपको सबसे पहले अवगत होना चाहिए। नई साल की शुरुआत ही एक बड़ी घटना से होती है। 15 जनवरी 2026 को मंत्रालय चुनाव के कारण बाजार बंद रहेगा। इसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर भी कारोबार रुक जाएगा। यह पहला प्रमुख पड़ाव है जो कई निवेशकों को याद रखना होता है क्योंकि वे इस दिन अपनी पोर्टफोलियो रिपोर्टिंग करते हैं।
फिर मार्च में होली आने वाली है। 3 मार्च 2026 को बाजार बंद रहेगा। इसके साथ ही श्री राम नवमी (26 मार्च) और श्री महावीर जयंती (31 मार्च) पर भी कारोबार नहीं होगा। ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए गुड फ्राइडे 3 अप्रैल 2026 को बंदी होगी। Bombay Stock Exchange (BSE) का अनुसूचन भी लगभग वही रहेगा।
मध्य वर्ष में भी कई बड़े अवसर आएंगे। बैकरी ईद (28 मई) और मुहर्रम (26 जून) जैसे त्योहारों पर भी बाजार सुस्त रहेगा। गणेश चतुर्थायी के अवसर पर 14 सितंबर को भी कारोबार रुक जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा त्योहार दसवाँ (20 अक्टूबर) और दीवाली (10 नवंबर) है। दीवाली के बाद पुरनबिहार (14 नवंबर) और गुरु नानक देव गुरु पूर्णिमा (24 नवंबर) भी बाजार के लिए बंदी दिन होंगे।
सेटलमेंट बनाम ट्रेडिंग होलीडेज में अंतर
यहाँ एक चीज़ बहुत जरूरी है जो अक्सर छोड़ दी जाती है। ट्रेडिंग बंद होना और सेटलमेंट बंद होना दो अलग चीजें हैं। NSE क्लीयरिंग का अनुसूचन थोड़ा अलग है। उदाहरण के लिए, 19 फरवरी को छत्रपति शाही महाराज जयंती और 19 मार्च को गudi padwa पर भी क्लीयरिंग सिलेक्टिव ढंग से बंद रही।
अगर आप पीपीडी (Payee Payment Date) पर कोई पैसे भेजने की योजना बनाते हैं, तो बैंक क्लोजिंग (1 अप्रैल) और ईद मिलद (26 अगस्त) पर ध्यान दें। इन दिन आप ट्रेडिंग तो नहीं कर सकते, लेकिन सेटलमेंट प्रक्रिया भी रुक जाएगी। यह रिस्क कम करने के लिए बेहतरीन जानकारी है, खासकर अगर आप डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग कर रहे हैं।
कॉमोडिटी एक्स्चेंज (MCX) का अनुसूचन
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, धातुओं और कच्चे तेल के व्यापारियों को भी इसकी चिंता करनी होगी। Multi Commodity Exchange (MCX) का कैलेंडर थोड़ा वैसा ही है लेकिन कुछ मतलब वाला है। उदाहरण के लिए, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) रविवार को पड़ रहा है। फिर भी म्यूहरत ट्रेडिंग सत्र 8 नवंबर को किया जाएगा।
हालांकि, MCX कुछ दिनों पर अलग तरीके से काम करता है। उनके पास रेपब्लिक डे, गुड फ्राइडे और क्रिसमस जैसे त्योहारों के दिन स्पष्ट रूप से बंद होते हैं। यह जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि कमोडिटी ट्रेडर्स अक्सर हेजिंग के लिए इस बाजार का उपयोग करते हैं। अगर बाजार बंद है, तो आप अपने रिस्क मैनेजमेंट स्ट्राटेजी को बदलना पड़ सकता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग और विशेष सत्र
बस बंदी के बारे में ही नहीं सोचिएगा। 8 नवंबर 2026 को, जो रविवार है, वहां एक विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र होगा। लक्ष्मी पूजन के कारण यह सत्र काफी लोकप्रिय माना जाता है। इस दौरान बाजार खुलता है ताकि लोग शुभकामनाओं के साथ ट्रेडिंग शुरू कर सकें। इसकी शुरुआत शाम को होती है और इसमें भागीदारी बहुत अच्छी होती है।
ये विशेष सत्र निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका होता है। अक्सर इस दिन बाजार में उत्साह ज्यादा होता है। इसलिए अपनी लिक्विडिटी प्लान कर लें ताकि आप इस मौके को हाथ से न जाने दें। हालांकि, नियमित समय सीमा और अन्य नियमों का पालन करना न भूलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या NSE और BSE की छुट्टियां हमेशा एक जैसे होती हैं?
हाँ, आमतौर पर दोनों एक्सचेंजों की मुख्य त्योहारी छुट्टियां एक जैसी होती हैं। हालांकि, स्थानीय राजकीय अवकाश या विशिष्ट क्षेत्रीय त्योहारों के मामले में थोड़ा अंतर आ सकता है, लेकिन 2026 के कैलेंडर में प्रमुख त्योहारों की तारीखें मेल खाती हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र कब होगा और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
मुहूर्त ट्रेडिंग 8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजन के उपलक्ष्य में होगी। यह दिन रविवार है, फिर भी बाजार विशेष रूप से खुलेगा। इसे भारत में नए वित्तीय वर्ष की शुभ शुरुआत माना जाता है, जिसमें ट्रेडिंग की गतिविधि काफी तेज़ देखने को मिलती है।
सेटलमेंट होलीडेज और ट्रेडिंग होलीडेज में क्या फर्क है?
ट्रेडिंग होलीडे पर बाजार बंद रहता है और कोई लेनदेन नहीं होता। वहीं, सेटलमेंट होलीडे पर ट्रेडिंग हो सकती है, लेकिन भुगतान और संपत्ति की हस्तांतरण प्रक्रिया रुक जाती है। इसलिए पैसे निकालने या भुगतान करने के लिए क्लीयरिंग अनुसूचन चेक करना ज़रूरी है।
क्या MCX भी NSE के अनुसार छुट्टी मनता है?
MCX का अनुसूचन NSE और BSE से मिलता-जुलता है, खासकर राष्ट्रीय और धार्मिक त्योहारों पर। हालांकि, कुछ कमोडिटी सत्रों के लिए अतिरिक्त बंदी दिन हो सकते हैं, इसलिए कंपोडिटी ट्रेडर्स को अपनी एक्सचेंज वेबसाइट से पुष्टि करनी चाहिए।
Mukesh Kumar
मार्च 27 2026यह जानकारी काफी काम की है ब्रो। हर साल हम भूल जाते हैं कि कब बाजार बंद रहेगा और फिर पैसे निकालने में दिक्कत होती है। अभी से मरमटिंग सेशन का प्लान कर लो।
Shraddhaa Dwivedi
मार्च 29 2026मुझे भी लगता है कि शुरुआती लोगों के लिए यह लिस्ट ज़रूरी है। अगर आप नहीं जानोगे तो स्टॉप लॉस ट्रिगर होने से पहले बचा लें। ध्यान से देखना चाहिए।
Vikram S
मार्च 30 2026यह सरकार की लापरवाही है।,,, हमारे देश में बाजार बंद रहता है,, पर विदेशों में ट्रेडिंग चलती है.... हम बेदखल क्यों होते हैं....... इसमें कोई तर्क नहीं है!! बिल्कुल ना....
Bhoopendra Dandotiya
मार्च 30 2026विक्राम जी आप थोड़ा शांत रहिये। ग्लोबल मार्केट्स अपना नियम बनाते हैं। हमारी अपनी सांस्कृतिक छुट्टियाँ होती हैं। इसे उठाए बिना बात करिए।
Aman kumar singh
मार्च 31 2026मुहरत ट्रेडिंग तो बहुत खास होता है। लक्ष्मी पूजन के दिन खुदा की कृपा से मुनाफा मिल जाता है। मैं हमेशा उस दिन ट्रेडिंग करता हूँ।
Jamal Baksh
अप्रैल 1 2026प्रतिष्ठित मित्र श्री आम्स कुमार सिंह, मुहरत ट्रेडिंग एक रूढ़िवादी मान्यता है। व्यावहारिक रूप से वॉलेटाइलिटी कम होती है। अतः सजग रहिए।
pradeep raj
अप्रैल 2 2026सेटलमेंट और ट्रेडिंग में बहुत बड़ा अंतर होता है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब ट्रेडिंग होलीडे होती है तो डील नहीं बनती। लेकिन सेटलमेंट होलीडे पर पैसा नहीं जाता। कई बार इन्वेस्टर गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि बाजार खुला है इसलिए पेमेंट होगा। वास्तव में बैंकिंग सिस्टम रुका होता है। इससे कैपिटल फ्लो में बाधा आती है। विशेष रूप से डिपॉजिट्री कंपनियों को प्रभाव पड़ता है। नई तिथियों के साथ पुरानी लेनदेन बंद हो सकते हैं। आपको अपने ब्रोकर से क्लियरेस करना पड़ेगा। अक्सर ब्रोकर वेबसाइट पर नोटिस नहीं देते। इसलिए खुद चेक लिस्ट बनाए रखनी चाहिए। मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स भी इसमें शामिल हैं। रिजर्व बैंक की नीतियां भी इन दिनों बदल सकती हैं। सुरक्षित निवेश के लिए इस पद्धति को समझें। अंत में योजना बनाना सबसे जरूरी है।
nithin shetty
अप्रैल 3 2026pradeep ji ki baat bht sahi hai. settlement date par paise block ho jate hai. isliye humein thoda early plan karna chahiye. meri samjhh me yeh sab hota hai.
Sandeep YADUVANSHI
अप्रैल 5 2026इस तरह की जानकारी सबके पास पहले ही हो चुकी होगी।
Vishala Vemulapadu
अप्रैल 6 2026यहाँ बताया गया सब कुछ बहुत सटीक है।
Govind Vishwakarma
अप्रैल 8 2026बाजार बंद रहना मेरा मत है बुरा वो लोग जो ट्रेड करते थे अब क्या करेंगे
Shankar Kathir
अप्रैल 9 2026नियमित रूप से अपडेट देखते रहना चाहिए। ब्रोकर की तरफ से भी नोटिस आएगा। समय रहते चेक करो।